आज का राहु काल

आज का राहु काल, गुलिक काल और यमगंड — दिल्ली के वास्तविक सूर्योदय से गणना, साप्ताहिक तालिका और शहर चयन सहित।

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आज — बुधवार, 21 अक्टू॰

दिल्ली में आज का राहु काल दोपहर 12:05 से दोपहर 1:30 तक है।

इन अवधियों में नया शुभ कार्य आरंभ करने से बचें। राहु काल हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है — अपने शहर का समय नीचे चुनें।

राहु काल
दोपहर 12:05
से
दोपहर 1:30
गुलिक काल
प्रातः 9:15
से
प्रातः 10:40
यमगंड
प्रातः 6:25
से
प्रातः 7:50

सूर्योदय प्रातः 6:25सूर्यास्त सायं 5:46(दिल्ली, भारत)

दिन के आठ भाग

सूर्योदय से सूर्यास्त तक का समय आठ बराबर भागों में बँटता है। दिल्ली के लिए आज पाँचवाँ भाग राहु काल है।

12345678प्रातः 6:25सायं 5:46
राहु काल
दोपहर 12:05–दोपहर 1:30
गुलिक काल
प्रातः 9:15–प्रातः 10:40
यमगंड
प्रातः 6:25–प्रातः 7:50

दूसरे शहर का राहु काल देखें

हर शहर का पेज उस शहर के सूर्योदय से गणना किया गया 7 दिन का पूरा समय दिखाता है।

साप्ताहिक राहु काल — दिल्ली

आज से अगले 7 दिन।

दिनतारीखराहु कालगुलिक कालयमगंड
बुधवार21 अक्टू॰दोपहर 12:05 – दोपहर 1:30प्रातः 9:15 – प्रातः 10:40प्रातः 6:25 – प्रातः 7:50
गुरुवार22 अक्टू॰दोपहर 1:30 – दोपहर 2:55प्रातः 7:50 – प्रातः 9:15सायं 4:20 – सायं 5:45
शुक्रवार23 अक्टू॰प्रातः 10:40 – दोपहर 12:05प्रातः 6:26 – प्रातः 7:51दोपहर 2:54 – सायं 4:19
शनिवार24 अक्टू॰प्रातः 9:16 – प्रातः 10:40दोपहर 2:54 – सायं 4:18दोपहर 1:29 – दोपहर 2:54
रविवार25 अक्टू॰सायं 4:18 – सायं 5:42दोपहर 1:29 – दोपहर 2:53प्रातः 10:40 – दोपहर 12:05
सोमवार26 अक्टू॰प्रातः 7:52 – प्रातः 9:16दोपहर 12:05 – दोपहर 1:29प्रातः 9:16 – प्रातः 10:40
मंगलवार27 अक्टू॰दोपहर 2:52 – सायं 4:16प्रातः 10:41 – दोपहर 12:04प्रातः 7:53 – प्रातः 9:17

राहु काल की गणना कैसे होती है

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। प्रत्येक वार के लिए राहु काल का भाग निश्चित है — इसीलिए घड़ी का समय हर शहर और हर दिन बदलता है, पर भाग वही रहता है।

वारराहु काल का भाग (8 में से)
रविवारआठवाँ भाग
सोमवारदूसरा भाग
मंगलवारसातवाँ भाग
बुधवारपाँचवाँ भाग
गुरुवारछठा भाग
शुक्रवारचौथा भाग
शनिवारतीसरा भाग

राहु काल — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज का राहु काल कितने बजे है?

राहु काल दिन को सूर्योदय से सूर्यास्त तक आठ भागों में बाँटकर निकाला जाता है, और प्रत्येक वार का भाग निश्चित है। ऊपर आज का समय दिल्ली के वास्तविक सूर्योदय-सूर्यास्त से गणना करके दिया गया है। घड़ी का समय हर शहर में अलग होता है — अपने शहर का सटीक समय नीचे चुनें।

राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?

इस अवधि में नए और शुभ कार्य आरंभ करने से बचा जाता है — यात्रा प्रारंभ, गृहप्रवेश, विवाह मुहूर्त, नया व्यापार या महत्वपूर्ण हस्ताक्षर। पहले से चल रहे कार्य जारी रखे जा सकते हैं; निषेध आरंभ पर है।

साप्ताहिक राहु काल कैसे बदलता है?

राहु काल प्रत्येक वार अलग समय पर पड़ता है — जैसे सोमवार को प्रातः, शनिवार को पूर्वाह्न में। ऊपर सोम से रवि तक की पूरी साप्ताहिक तालिका दी गई है।

राहु काल, गुलिक काल और यमगंड में क्या अंतर है?

तीनों दिन की अशुभ अवधियाँ हैं। राहु काल सर्वाधिक टाला जाता है; गुलिक काल (शनि-पुत्र) को कुछ स्थायी कार्यों के लिए अपेक्षाकृत सौम्य माना जाता है; यमगंड भी नए आरंभ के लिए वर्जित है।

यदि राहु काल टाला न जा सके तो क्या करें?

यदि कार्य अनिवार्य हो, तो आरंभ से पूर्व इष्ट देव या हनुमान जी का स्मरण करें और 'ॐ रां राहवे नमः' का जप कर सकते हैं। नित्य कर्म और चलते कार्यों पर राहु काल का निषेध नहीं है।

क्या राहु काल में यात्रा शुरू कर सकते हैं?

नई यात्रा राहु काल में आरंभ करने से परंपरा में बचा जाता है। यदि अनिवार्य हो, तो कुछ लोग राहु काल से पहले प्रतीकात्मक रूप से थोड़ा आगे बढ़कर (प्रस्थान) फिर बाद में चलते हैं। पहले से चल रही यात्रा जारी रखने में दोष नहीं।

क्या विवाह या गृहप्रवेश राहु काल में कर सकते हैं?

नहीं — विवाह, गृहप्रवेश, सगाई और अन्य शुभ संस्कारों का मुहूर्त राहु काल से बाहर रखा जाता है। ऊपर आज का राहु काल देखकर उससे पहले या बाद का समय चुनें।

राहु काल मार्गदर्शिकाएँ

जानें राहु काल आपके शहर के लिए कैसे निकाला जाता है, जब इसे टाला न जा सके तब क्या करें, और यह अन्य अशुभ अवधियों (यमगंड, गुलिक) से कैसे भिन्न है।